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पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के पहले महीने कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिà¤, कà¥à¤¯à¤¾ नहीं -
सà¥à¤¨à¤¿à¤ कई बार आवाज़ आने में कà¥à¤› कà¥à¤·à¤£ का विलमà¥à¤¬ हो सकता है!
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी महीने से ⇨
पहला महीना दूसरा महीना तीसरा महीना चौथा महीना पांचवा महीना छठा महीना सातवा महीना आठवा महीना नौवा महीना
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से ⇨
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट होने का तरीका 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31 32 33 34 35 36 37 38 39 40 बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के नाम
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दिनों में मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस, चकà¥à¤•र आना, खाने की खà¥à¤¶à¤¬à¥‚ आने पर उलà¥à¤Ÿà¥€ होना जैसे लकà¥à¤·à¤£ दिखते हैं. इसके अलावा इन दिनों शरीर में कई तरह के हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव होते हैं, जिसके कारण मतली जैसा अनà¥à¤à¤µ होने लगता है. शरीर में पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ विशेष रूप से कबà¥à¤œ और रिफलकà¥à¤¸ (reflux) को टà¥à¤°à¤¿à¤—र कर सकता है. à¤à¤¸à¥‡ में यह तय कर पाना काफी मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है कि इन दिनों किन चीजों का सेवन करें और किन चीजों का नहीं.
आज हम इस लेख में कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ आहार के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे आपको पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के पहले महीने में खाने की जरूरत होती है ताकि इस दौरान होने वाली शारीरिक कमजोरी और परेशानियों को कम या कंटà¥à¤°à¥‹à¤² किया जा सके.
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के पहले महीने कà¥à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚? - What to eat in the first month of pregnancy in Hindi?
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के पहले महीने में कà¥à¤¯à¤¾ नहीं खाना चाहिà¤? - What not to eat in first month of pregnancy in Hindi?
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के पहले महीने कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिà¤, कà¥à¤¯à¤¾ नहीं के डॉकà¥à¤Ÿà¤°
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के पहले महीने कà¥à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚? -
साबà¥à¤¤ अनाज (Whole Grains)
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में शरीर में कई तरह के पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की कमी हो सकती है. इस दौरान कई महिलाओं को कबà¥à¤œ की शिकायत à¤à¥€ होती है. à¤à¤¸à¥‡ में साबà¥à¤¤ अनाज जैसे- ओटà¥à¤¸, बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ राइस, जौ, कà¥à¤µà¤¿à¤¨à¥‹à¤† गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के लिठफायदेमंद हो सकता है. साबà¥à¤¤ अनाज फाइबर से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है, जो कबà¥à¤œ और मतली जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² कर सकता है. इसके अलावा साबà¥à¤¤ अनात में कई तरह के विटामिंस और खनिज ततà¥à¤µ à¤à¤°à¤ªà¥‚र होते हैं, जो à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास में आपकी मदद कर सकते हैं.
लीन मीट (Lean Meat)
यह मीट आयरन और पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤ होता है. पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान महिलाओं के शरीर में आयरन की कमी हो सकती है. इसके अलावा à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास के लिठमहिलाओं को à¤à¤°à¤ªà¥‚र रूप से पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है. इसलिठपà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान महिलाओं को अपने डाइट में लिन मीट जैसे - पोरà¥à¤• टेंडरलॉइन (Pork Tenderloin), टरà¥à¤•ी और चिकन को शामिल करना चाहिà¤.
केला (Bananas)
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के शà¥à¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में पेट से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ परेशानियां काफी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होने लगती हैं. à¤à¤¸à¥‡ में केला आपके लिठबेसà¥à¤Ÿ डाइट हो सकता है. यह पोटेशियम का बेहतर सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤ है, जो आपके शरीर की कमजोरियों को दूर करता है. साथ ही इससे पेट से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ परेशानियों को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² किया जा सकता है.
डेयरी पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¥à¤¸ (Dairy Products)
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान महिलाओं को पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® का अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में सेवन करना चाहिà¤. इससे आपके à¤à¥à¤°à¥‚ण का विकास सही से होता है. इस दौरान आप अपने डाइट में चीज, मिलà¥à¤• और दही को शामिल कर सकते हैं.
डेयरी पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¥à¤¸ में दो उचà¥à¤š कà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ के पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ पाठजाते हैं, कैसिइन (Casein) और वà¥à¤¹à¥‡ (Whey). साथ ही डेयरी पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® का सबसे अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤ माना जाता है. इसके अलावा डेयरी पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿ में उचà¥à¤š मातà¥à¤°à¤¾ में फासà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¸, बी विटामिन, मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और जिंक मौजूद होता है, जो पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान महिलाओं के लिठबेहद जरूरी है.
केल (Kale)
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान आप केल को सलाद के रूप में खा सकते हैं. यह पतà¥à¤¤à¤¾ फाइबर, विटामिन à¤, विटामिन ई, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, आयरन और फोलेट से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है. जो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में होने वाली शारीरिक कमजोरी को दूर करने में आपकी मदद करता है.
दालें और बींस (Beans and lentils)
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान शरीर को à¤à¤°à¤ªà¥‚र रूप से पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है. à¤à¤¸à¥‡ में आप अपने आहार में दालें और बींस को शामिल कर सकते हैं. दालें और बींस में आयरन, फोलेट, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और फाइबर à¤à¤°à¤ªà¥‚र रूप से मौजूद होता है, जो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में महिलाओं के लिठबेहद जरूरी है.
इन खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के अलावा आप गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान कई अनà¥à¤¯ चीजों जैसे- उबले अंडे, शकरकंद, सैलà¥à¤®à¤¨ फिश, बà¥à¤°à¥‹à¤•ली, पालक, बादाम, अखरोट, सेब इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ को अपने डाइट में शामिल कर सकते हैं.
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के पहले महीने में कà¥à¤¯à¤¾ नहीं खाना चाहिà¤? - What not to eat in first month of pregnancy in Hindi?
कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ फूड à¤à¥€ हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आपको गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के पहले महीने में नहीं खाना चाहिठ-
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान मरकà¥à¤¯à¥‚री फिश का सेवन नहीं करना चाहिà¤. यह आपके लिठहाई टॉकà¥à¤¸à¤¿à¤• हो सकता है.
आधे पके हà¥à¤ मछली के सेवन से à¤à¥€ दूरी बनाà¤à¤‚ रखें.
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में कचà¥à¤šà¤¾ अंडा न खाà¤à¤‚.
कैफीन-यà¥à¤•à¥à¤¤ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥à¤¸ - जैसे चाय और कॉफी - से दूरी बनाà¤à¤‚.
शराब और धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ के सेवन से बचें.
ऑरà¥à¤—न मीट का सेवन न करें.
बिना धà¥à¤²à¥€ चीजों का सेवन न करें.
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में अपने खानपान पर विशेष रूप से धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें. डॉकà¥à¤Ÿà¤° के सलाहनà¥à¤¸à¤¾à¤° ही अपने आहार में किसी तरह का बदलाव करें. अगर आपको गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान खाने के बाद किसी à¤à¥€ तरह की परेशानी महसूस हो रही है, तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें. ताकि किसी à¤à¥€ तरह की à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ से बचा जा सके.
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